Sunday, 4 February 2024

नया काम करना चाहते है तो सबसे पहले असफलता और आलोचना का डर मन से निकलना चाहिए...

नया काम करना चाहते हैं तो सबसे पहले असफलता और आलोचना का डर मन से निकलना जरूरी है। आलोचनाओं से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि हम जो भी काम करेंगे, कोई ना कोई व्यक्ति उसके आलोचना जरूर करेगा। हमें सिर्फ अपने काम पर ध्यान देना चाहिए और आलोचना में छिपी सलाह को समझना चाहिए। असफल होने के बाद निराश नहीं होना चाहिए, सकारात्मक सोच के साथ फिर से प्रयास करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।

Saturday, 3 February 2024

काम का फल इच्छा के अनुसार नहीं , मेहनत के आधार पर मिलता है !!


सफलता इच्छा से नहीं, मेहनत के आधार पर मिलती हैं। इसलिए मेहनत करने के लिए कभी भी पीछे नहीं हटना चाहिए। लक्ष्य नया हो तो उसमें असफलता से डरना नही चाइये, बल्कि सफ़ल होने तक बार-बार कोशिश करते रहना चाहिए। ध्यान रखें निराश होने से बेहतर है प्रयास करना।।

Saturday, 19 August 2023

कर्म

सेल्फ हेल्प



कर्म संकल्प और अनुशासन खोजते हैं

यदि नए अवसर पाना चाहते हैं तो जो किया जा सकता है उसपर ध्यान देना होगा, जो नहीं किया जा सकता उसकी चिंता छोड़नी होगी। अपना समय और ऊर्जा अनावश्यक चीजों पर, दूसरों को दोषी ठहराने में, बदला लेने या पुरानी गलतियों पर रोने में नष्ट नहीं करना है। कोई बदलाव सिर्फ आकलन से नहीं आ सकता। वह कर्म से आता है और कर्म संकल्प एवं अनुशासन खोजता है।

महत्वपूर्ण कामों से मिलती है सफलता

हमारी दिनचर्या इस तरह की होती है। कि हमारे सामने जो काम आता है, हम उसे करने लगते हैं। एक महत्वाकांक्षी व्यक्ति को इस बारे में सतर्क रहना चाहिए क्योंकि सफलता पाने के लिए बहुत आवश्यक है कि सबसे महत्वपूर्ण काम पहले किए जाएं। सफलता हमेशा महत्वपूर्ण कामों से मिलती है। इसलिए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करें। अपना समय महत्वहीन कामों में न गंवाएं।

लोगों के विचारों से तुरंत प्रभावित न हों

अधिकांश लोग दूसरों की राय से प्रभावित होते हैं। वो अपने लिए सोचने का काम नहीं कर पाते। दूसरों की सलाह पर ध्यान देते हैं। यदि आप दूसरों के विचारों से प्रभावित हैं, तो आपकी खुद की कोई इच्छा नहीं होगी। यदि आपका अपना मस्तिष्क और मन है, तो इसका प्रयोग करें। स्वयं निर्णय लें। दुनिया को बताएं कि आपका क्या करने का इरादा है। सलाह देने वाले लोगों से दूर रहें।

असफलता ही आपको सफल बनाएगी

सफल लोग असफलता का स्वागत करते हैं। असफल होने पर रोते नहीं हैं। निराश नहीं होते। असफलता कारणों का गंभीरता से अध्ययन करते हैं। उसका समाधान कर आगे बढ़ते हैं। असफलता को सफलता की सीढ़ी बनाकर आगे चलते जाते हैं। सफलता की राह में असफलता रूपी स्टॉप आते रहते हैं। लेकिन एक दिन असफलता ही आपको सफल बनाती है।



Tuesday, 4 July 2023

मणिपुर हिंसा

लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में


Monday, 3 July 2023

फिक्र करता हूँ

कभी कभी 
मैं बहुत फिक्र करता हूँ 
तुम्हारी। 

फिर मैं रुक कर
जाँच करता हूँ अपने फिक्र की-
कि
कहीं फिक्र के शक्ल में
मैं तुम्हें दबाना तो नहीं चाहता। 

मैं पितृसत्ता वाले समाज में
बड़ा हुआ हूँ-
इसलिए खुद को हमेशा 
शक के घेरे में रखता हूँ। 

अपने उस राक्षस को साध रखता हूँ,
जो तुम्हें बांध मेरी औरत बना देना चाहता है। 

तुम्हारी आज़ादी पर मेरा 
कोई हक़ न हो-
मेरे फिक्र की हरदम 
इसलिए जांच हो।

कुछ भी हूँ तुम्हारा
आखिर
तुम्हारे स्वयं से ज्यादा नहीं हूँ मैं।।




जीवन हमेशा एक सा नहीं रहता।

जीवन हमेशा एक सा नहीं रहता। परिवर्तन को स्वीकार कर ही हम अपनी हताशा-निराशा से उबर सकते हैं और समय के साथ चलकर अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं। यह प्रवचन मुनि विनय कुमार आलोक ने दिए। मुनि ने कहा कि महान दार्शनिक अरस्तू ने कहा है, परिवर्तन प्रकृति का नियम है। हम प्रकृति के इस नियम को जब भी मानने से इंकार करने लगते हैं, तब हम दुखी होते हैं, अवसाद से घिर जाते हैं। हमें स्वीकारना होगा कि जब अच्छे दिन स्थायी नहीं रहते, तो बुरे दिन भी नहीं रहेंगे। जो व्यक्ति इस सत्य को जान लेता है, वह कभी निराश-हताश नहीं होता। बदलना जीवन का विशेष गुण है। प्रत्येक व्यक्ति देखता है जन्म युवा बुढा़पा आता है। हर व्यक्ति भेष भूषा भी बदलता है खान पान में भी बदलाव आता है बहुदा स्थितियों में भी बदलावा आता है। कभी व्यक्ति उच्चता ग्रहण करता है और कभी सामान्य स्थिति में रहता है। यदि व्यक्ति इस बदलाव को समझ ले तो व्यक्ति को किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी नहीं होगी। रामायण में भी कहा गया है कि जिस स्थिति में भी राम रखे उस स्थिति में ही रहना चाहिए। अणुव्रत आंदोलन बदलाव का आंदोलन है वह व्यक्ति में चारित्रक और मानसिक बदलाव करता है। सचमुच में इसी का नाम बदलाव है। इस दौरान मुनि ने कहा कि जीवन के सफर का वास्तविक आनंद हम तभी उठा सकते हैं, परिवर्तन शाश्वत है। समय के साथ किसी भी वस्तु, विषय और विचार में भिन्नता आती है। मौसम बदलते हैं। मनुष्य की स्थितियां बदलती हैं। समय के साथ उत्तरोत्तर बदलने को ही विकास कहा जाता है। यदि हम बदलाव से मुंह चुराएंगे, तो हमारा विकास नहीं हो सकेगा।


k k mantra

गुरुपूर्णिमा2023

जीवन मेरा औरो जैसा ही है, अपितु गुरुजनों ने जो ज्ञान मुझे दिया है, उस ज्ञान से आज में किसी के लिए दीपक हूं, किसी के लिए सूरज, किसी के लिए साहस, किसी के लिए प्रेरणा, किसी के लिए दवा ।
आज तक आपसे जो भी ज्ञान अर्जित किया है, उस ज्ञान से ही जीवन की यात्रा में अग्रसर हूँ ! आपके आशीर्वाद से ''जो प्राप्त है वही पर्याप्त है" के इस सिद्धांत इस यात्रा को जी रहा हूँ, जीवन की इस लंबी यात्रा में आपका मार्गदर्शन सदैव प्राप्त होता रहे ऐसी कामना है, गुरुपूर्णिमा के इस पावन अवसर पर आपको मेरा सादर प्रणाम एवं आपको गुरू पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।।
कोटि कोटि नमन

Sunday, 2 July 2023

शुभविचार2023

kkmantr

kkmantr
॥ कालः सत्यं वदति || 
समय आपको सत्य से अवगत करा ही देता है..


Friday, 30 June 2023

असफलता का डर ही सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा है

 k.k.mantr

असफलता का डर ही सफलता

की राह में सबसे बड़ी बाधा है

कभी-कभी, लोगों को जीवन में वह नहीं मिलता जो वे चाहते हैं क्योंकि वे असफलता से डरते हैं। यह सबसे बड़ा डर है, असफल होने पर स्वीकार नहीं किए जाने का डर, खारिज किए जाने का डर, एक आदर्श व्यक्ति के रूप में पहचान न बना पाने का डर। लेकिन क्या आपको पता है कि परफेक्शन जैसा कुछ नहीं होता। मैंने अपने कॅरिअर में नौ हजार से अधिक शॉट गंवाए हैं। मैंने लगभग 300 गेम गंवाए। 26 बार मुझ पर गेम-विजेता शॉट के लिए भरोसा किया गया पर मैं चूक गया। मैं अपने जीवन में बार-बार असफल हुआ हूं। इसलिए मैं आज हूं। सफलता के लिए हमेशा प्रयास करने के लिए तैयार रहना चाहिए, भले ही असफलता क्यों न मिले। सफलता क्या होती है, यह जानने के लिए हमेशा प्रयासरत रहें। अगर आप कोशिश नहीं करेंगे तो कुछ नहीं मिलेगा, अगर आप कोशिश करते हैं और असफल हो जाते हैं तो आपको अनुभव मिलेगा। अगली बार, आपको पता चल जाएगा कि क्या नहीं करना है, और क्या करना है। और अंत में आप ट्रायल एरर करते हुए सफल हो जाएंगे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने तैयार हैं, जीवन में कठिन समय जरूर आएगा। सवाल यह है कि बुरा समय आने पर आप कैसे प्रतिक्रिया देंगे। क्या आप अपने आपको नीचे गिरने देंगे, या उठ खड़े होंगे और चलते रहेंगे? यह सबसे महत्वपूर्ण है। चाहे कुछ भी हो जाए, आप खुद पर विश्वास बनाए रखें और रुकें नहीं! 

माइकल जॉर्डन विख्यात बास्केटबॉल खिलाड़ीमाइकल जॉर्डन



कर्म☯️

एक बढ़ई था, जो बहुत मेहनती था, पर अब वह बूढ़ा हो चला था, एक दिन उसे विचार आया अब यह सब छोड़कर अपने परिवार के साथ अपने जीवन के आखरी दिन बिताने चाहिए, वर्कशॉप के मालिक को उसने अपने विचार बताएं मालिक बहुत दुखी हुआ,  क्योंकि उसका सबसे विश्वासनीय कर्मचारी हमेशा के लिए जा रहा था, तभी मालिक ने कुछ सोचा फिर कहा तुम एक आखरी घर और बना दो उसने कहा ठीक है क्योंकि वह मन से पहले रिटायर हो चुका था! इसलिए बड़ी मुश्किलो उसने वह घर पूरा किया, उस घर को देखकर ऐसा लग रहा था, कि किसी नोसीखिए ने यह घर बनाया है तभी मालिक घर देखने आया और बोला यह घर मेरी तरफ से तुम्हारे लिए तोहफा है, अब बड़े बहुत दुखी हुआ कि यह घर मुझे ही मिलना था,तो मैं इसे बहुत सुंदर बनाता।

उसी प्रकार हमारी जिंदगी को भी सर्वश्रेष्ठ बनाने का मौका ईश्वर ने हमें ही दिया है !!

k.k.mantra


#kkmantra.in #📝

आत्मविश्वास⚛️

 छाता बारिश तो नहीं रोक सकता किंतु बारिश में खड़े होने का साहस जरूर देता है, ठीक उसी तरह आत्मविश्वास सफलता की गारंटी तो नहीं देता, किंतु संघर्ष करने की प्रेरणा अवश्य देता है, साहस भय और आत्मविश्वास के बीच का जरिया है, आपके मार्ग में कितना ही अंधकार व कितनी ही कठिनाइयां क्यों ना हो आप कभी भी अपने आत्मविश्वास और मानसिक धैर्य को ना कोई है, आत्मविश्वास हमारे उत्साह को जगा कर हमें जीवन में महान उपलब्धियों के मार्ग पर ले जाता है। 

अपने आप पर विश्वास करना कि आप सफल होंगे, यही आत्मविश्वास है⚛️

K_k_mantr

daily motivation 2023 परिस्थिति

K_k_mantr: अतीत और भविष्य को मन में पालना ही नकारात्मकता की जड़ है:


हमेशा कठिन परिस्थितियों में इंसान अकेला ही होता है, रोग मुक्त होने के लिए जिस प्रकार औषधि स्वयं को लेनी पड़ती है, उसी प्रकार जीवन के कठिन प्रसंगों से बाहर आने के लिए अपनी गलतियों को भी स्वयं सुधारना होता है, अन्य समय तो दुनिया हमारी संपत्ति स्टेटस और पावर के कारण हमारा साथ देती ही देती है !!

Friday, 23 June 2023

गाँव बेच कर शहर खरीदा

 गाँव बेचकर शहर खरीदा, कीमत बड़ी चुकाई है।  

जीवन के उल्लास बेच के, खरीदी हमने तन्हाई है।

बेचा है ईमान धरम तब, घर में शानो शौकत आई है। 

संतोष बेच, तृष्णा खरीदी, देखो कितनी मंहगाई है।।  

https://maps.app.goo.gl/o6JsabmK7tFYPHHD9

बीघा बेच स्कवायर फीट खरीदा, ये कैसी सौदाई है।  

संयुक्त परिवार के वट वृक्ष से टूटी, ये पीढ़ी मुरझाई है।।  

रिश्तों में है भरी चालाकी, हर बात में दिखती चतुराई है।

कहीं गुम हो गई मिठास, जीवन से, हर जगह कड़वाहट भर आई है।।    


रस्सी की बुनी खाट बेच दी, मैट्रेस ने जगह बनाई है। 

अचार, मुरब्बे को धकेल कर, शो केस में सजी दवाई है।।  

माटी की सोंधी महक बेच के, रुम स्प्रे की खुशबू पाई है। 

मिट्टी का चुल्हा बेच दिया, आज गैस पे बेस्वाद सी खीर बनाई  है।।  

https://maps.app.goo.gl/o6JsabmK7tFYPHHD9

पांच पैसे का लेमनचूस बेचा, तब कैडबरी हमने पाई है।

बेच दिया भोलापन अपना, फिर मक्कारी पाई है।।

सैलून में अब बाल कट रहे, कहाँ घूमता घर- घर नाई है।

दोपहर में अम्मा के संग, गप्प मारने क्या कोई आती चाची ताई है।।  


मलाई बरफ के गोले बिक गये, तब कोक की बोतल आई है।  

मिट्टी के कितने घड़े बिक गये, तब फ्रिज में ठंढक आई है ।।

खपरैल बेच फॉल्स सीलिंग खरीदा, हमने अपनी नींद  उड़ाई है। 

बरकत के कई दीये बुझा कर, रौशनी बल्बों में आई है।।


गोबर से लिपे फर्श बेच दिये, तब टाईल्स में चमक आई है।

देहरी से गौ माता बेची, फिर संग लेटे कुत्ते ने पूँछ हिलाई है ।।

बेच दिये संस्कार सभी, और खरीदी हमने बेहयाई  है।

ब्लड प्रेशर, शुगर ने तो अब, हर घर में ली अंगड़ाई है।।  


दादी नानी की कहानियां हुईं झूठी, वेब सीरीज ने जगह बनाई है।

बहुत तनाव है जीवन में, ये कह के मम्मी ने दो पैग लगाई है।।

खोखले हुए हैं रिश्ते सारे, नहीं बची उनमें सच्चाई है।।

चमक रहे हैं बदन सभी के, दिल पे जमी गहरी काई है।

https://maps.app.goo.gl/o6JsabmK7tFYPHHD9

गाँव बेच कर शहर खरीदा, कीमत बड़ी चुकाई  है।।

जीवन के उल्लास बेच के, खरीदी हमने तन्हाई है।।

💞🙏💞

Saturday, 15 October 2022

क्रोध

 क्रोध की अग्नि सब कुछ जला कर राख कर देती हैं,

जीवन मे क्रोध पर विजय पाना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

जीवन मे क्रोध का कोई स्थान नही होना चाहिए!!


क्रोध में जल गया मेरा सब 

मान मर्यादा ओर तप!!

Monday, 7 February 2022

अतिरिक्त आय के साधन

अतिरिक्त आय जिससे कि जीवन को ओर भी आसान और शानदार बनाया जा सकता है


अतिरिक्त आय के साधन....

अगर आप जॉब करते हैं तो आपके पास अतिरिक्त आय के निम्न साधन है...

आप एक उद्योग डाल सकते हैं,

आप अगर जॉब में है तो एक दुकान डाल सकते है.. कपड़े की, किराना की, सिलाई सेंटर, पार्लर या ओर अन्य रुचि के कार्य,

जैसे असहाय निर्धन लोगों के लिए एक उपयुक्त स्थान देकर उन्हें जीवन मे आगे बढ़ाने के लिए कोई शिक्षा संस्थान खोल कर जिसमें आप उन्हें प्रशिक्षित कर सकते हैं जिससे वह अपने ओर परिवार के भरण पोषण में सहायता कर सके । यह कार्य करने हेतु सरकार आपकी मदद करेगी ngo चला सकते है।

अतिरिक्त आय के लिए अतिरिक्त कार्य बहुत जरुरी हैं अगर आप चाहे तो बैंकिंग क्षेत्र में भी कार्य कर सकते हैं जिसमें फिनो पेमेंट बैंक, एयरटेल पेमेंट बैंक, पे टी एम ,वक्रांगी जैसे मिनी बैंक से जुड़कर एक आउटलेट तैयार कर सकते हैं जो कि आपके अतिरिक्त आय के साधन है।।




Friday, 31 December 2021

NEW YEAR या नववर्ष

  NEW YEAR या नववर्ष.....


ये मेरा new year है क्योंकि जैसे हिन्दी बिना उर्दू अच्छी नहीं, उसी प्रकार विविधता के बिना मेरा देश देश नही। मैने मेरे होश संभालते से ही अपने लोगो को सभी त्यौहार मनाते देखा है, आज हमारे समाज मे वर्तमान स्थिति में भी समाज के कुछ लोगो की अलग अलग अवधारणा है जिसमें कुछ लोग ये कह रहे है कि ये हमारा त्यौहार नही है।

तो ठीक है ये त्यौहार नही है हमारा लेकिन किसी और का तो है तो क्या हम उनकी खुशी के लिए शुभकामनाएं नही दे सकते ???


अगर में अपने मन की सुन कर बताऊ तो बिल्कुल दे सकते हैं ।।


क्योंकि मधुबन खुसबू देता है सागर सावन देता हैं, जीवन उसका जीवन है जो ओरो को जीवन देता हैं,


आप किसी भी धर्म संस्कृति को मानो लेकिन आपकी वजह से किसी को खुशी मिलती हैं, तो आप उस छोटी बड़ी खुशी का स्त्रोत बनिये क्योंकि बाजार में सब मिलेगा लेकिन जो वक़्त निकल रहा है, वो दोबारा नही लौटेगा तो आज को जिओ कल किसने देखा है।


त्यौहार है तो त्यौहार मनाओ उस त्यौहार की अच्छाई को अपनाओ क्योंकि अच्छाई बुराई दो पहलू हैं तो इसमें आपको किस को लेकर चलना है ये महत्वपूर्ण हैं।।


#happynewyear2022♥️

मेरे विचार मेने प्रकट किए है,,

आप भी अपने विचार कमेंट के माध्यम से दे सकते हैं।।

आपके मार्गदर्शन का अभिलाषी🙏

Wednesday, 20 October 2021

औरत वाणी वेद जैसी🌍

 "औरत की वाणी वेद जैसी हो सकती है"

'दिन और रात भी जमाने में कहीं मिलते हैं।' यह जुमला लोग पति- पत्नी के लिए बहुत कहते हैं। पति-पत्नी में स्त्री-पुरुष होने का भाव जितना अधिक होगा, मेल-मिलाप में उतनी ही झंझट होगी, उतनी ही अशांति होगी। दोनों यदि जीने की राह शरीर से आगे बढ़कर एक-दूसरे की आत्मा को समझें तो इस रिश्ते के मतलब ही बदल जाएंगे। पिछले दिनों मुझे किसी ने बताया एक कार ड्राइविंग सिखाने वाले ने एक स्त्री से टिप्पणी की कि हम महिलाओं से अधिक फीस लेते हैं, पुरुषों से कम। जाहिर है महिला ने पूछा होगा ऐसा क्यों? इस पर उसने कहा महिलाएं किट-पिट बहुत करती हैं। सुनकर मैं चौंक गया। शायद आप भी चौंक जाएं। दरअसल महिलाएं हर व्यवस्था को ठीक से समझना चाहती हैं और जब तक नहीं समझ लेती, प्रश्न करती ही हैं। पुरुष इन मामलों में सतही होता है। तो क्या किट-पिट करना महिलाओं का दोष है? नहीं। किसी भी काम को पूरे हुनर, पूरी व्यवस्था के साथ करना स्त्रियों का स्वाभाविक गुण है, परंतु पुरुष उसे किट-पिट का नाम दे देता है, झंझट कहता है। ऐसे पुरुषों को शास्त्रों में लिखी इस बात पर ध्यान देना चाहिए, 'यत्र भार्या गिरो वेदा।' मतलब, औरत की वाणी वेद जैसी हो सकती है। स्त्री के शब्दों में कभी-कभी बहुत गहरी भावनाएं होती हैं, क्योंकि उसकी समझ को गहराई में जाना है।


Saturday, 9 October 2021

अतीत और भविष्य को मन में पालना ही नकारात्मकता की जड़ है


अतीत और भविष्य को मन में
पालना ही नकारात्मकता की जड़ है

भविष्य, आमतौर पर अतीत की ही प्रतिकृति

या कहें कि उसका अक्स हुआ करता है। कुछ

सतही बदलाव भले ही हो जाते हों, लेकिन

वास्तविक रूपांतरण शायद ही कभी होता हो,

और वह भी इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या

आप वर्तमान में इतना विद्यमान रह सकते हैं

कि अतीत का अंत ही कर दें?

कल्पना करिए कि आप करोड़ों रुपए जीत

गए हैं, फिर आपका जीवन किस तरह बदल

जाएगा। जीवन स्थायी रूप से बदलेगा या धन

आने से वे बदलाव सतही ही होंगे? भले ही

आप अमीर हो जाएं लेकिन अपने कामधाम

उसी संस्कारग्रस्त ढरे के साथ केवल थोड़े सरल अर्थों में कहें तो हम कल्पना लोक

अधिक विलासितापूर्ण वातावरण में कर रहे जीते रहते हैं। बेचैनी, व्यग्रता, तनाव, दबाव,

होंगे। फिर सवाल है कि जीवन में वास्तविक चिंता- ये सब भय के ही रूप हैं, और जरूरत

बदलाव कैसे होंगे?

से ज्यादा भविष्य को पालने और पर्याप्त रूप

अगर आपका मन अतीत का बोझ उठाए से वर्तमान में न रहने के कारण ही ये भय

चल रहा है तो आपको वह बोझ बढ़ता हुआ पैदा होते हैं। अपराध-भाव, पश्चाताप, कुढ़न,

ही लगेगा। वर्तमान के अभाव में ही अतीत व्यथा, शिकायत, उदासी, कटुता और क्षमा न

खुद की निरंतरता बनाए रखता है। वर्तमान करने का कोई भी रूप- ये सभी जरूरत से

में चैतन्यता या जागरूकता की जैसी अवस्था ज्यादा अतीत को पालने और पर्याप्त रूप से

होगी, वैसा ही आपके भविष्य का स्वरूप वर्तमान में न रहने के कारण ही पैदा होते हैं।

होगा- जो कि, वास्तव में अब' के रूप में ही अधिकतर लोगों के लिए यह विश्वास करना

अनुभूत किया जा सकता है।

मुश्किल लगता है कि चैतन्यता की

हमारे जीवन में जितनी भी नकारात्मकता अवस्था में नकारात्मकता से पूरी तरह

है, वह मानसिक समय का संग्रह करने और मुक्त हो जाना संभव हो जाता है।

वर्तमान का परित्याग करने के कारण होती है। -एकहार्ट टॉल्ल की कितावदपावर ऑफ नाउ से साभार


Tuesday, 5 October 2021

अध्यात्म के मार्ग

 अध्यात्म के मार्ग

लंबी बंदिशों के बाद अब जीवन कुछ खुला-खुला सा लगने लगा है। खुलेपन का सबसे बड़ा दृश्य दिख रहा है शिक्षण संस्थाओं के प्रांगण में। स्कूल खुल गए, उत्सव के दिन आ रहे हैं। लेकिन, हमें अब भी बहुत सावधानी बरतना होगी। बच्चों की आंखों में नए उत्साह और जोश की जो चिंगारी चमक रही है, उसे लंबे समय तक बचाए रखना है। कल से मां दुर्गा की आराधना के दिन यानी नवरात्र शुरू हो रही है। इन नौ दिनों में उत्सव चरम पर होगा और फिर दसवें दिन मारा जाएगा रावण। याद रखिएगा, भगवान श्री राम के हाथों मरने के बाद भी रावण अपना कुछ हिस्सा बचा लेता है और दुर्गुण या महामारी किसी भी शक्ल में फिर से आ सकती है। इसलिए खासकर इन दिनों घर से बाहर निकलने पर जो दुनिया दिखे, उसे बहुत सावधानी से देखिएगा और भोगिएगा। हमारे ऋषि-मुनियों ने कालखंड को बड़े अच्छे ढंग से इस तरह से बांटा है कि पितों को याद करके, शक्ति की आराधना करने के बाद हम रावण का समापन करेंगे। अध्यात्म में भी तीन मार्ग होते हैं- ज्ञान, कर्म और उपासना। ज्ञान से विचार मिलता है, कर्म से अनुभव, और उपासना से आस्था। महामारी के बाद जब दुनिया खुलने लगी है तो सामने बहुत-से रास्ते आएंगे, लेकिन यदि इन तीन मार्गों से चले, तो मंजिल आसान हो जाएगी। आने वाले नौ दिन इसी के होंगे।


@krashankant social worker

आत्मबल

 आत्मबल...

मिस्र

देश में एक संत हुए हैं, उनका नाम था हिलेरियो। हिलेरियो 15 वर्ष के थे तब उनके पिता का निधन हो गया। माता पहले से ही नहीं थीं। पिता उनके लिए काफी संपत्ति छोड़ गए थे। लेकिन हिलेरियो ने वह संपत्ति संबंधियों में बांट दी। स्वयं मरुभूमि में ही जीवनयापन करने का निश्चय किया जिस स्थान पर हिलेरियो ने डेटा डाला, वह स्थान समुद्र-तट से दूट घने जंगल में था। जहां डाकुओं का भय हमेशा बना रहता था। हिलेरियो के शुभचिंतकों ने उस स्थान पर न रहने का आग्रह किया। किन्तु हिलेरियो का आत्मबल बढ़ा हुआ था। वे मृत्यु से भी भयभीत होने वाले नहीं थे। जेसी कि मित्रों को आशंका थी, एक दिन कई लोग वहां एकत्रित हो गए और रोब से हिलेरियो से पूछने लगे. 'तुम इस बियावान वन में अकेले रहते हो, यदि कोई तुम्हें कष्ट पहुंचाए और तुम्हारा साज-सामान उठा कर ले जाए तो? हिलेरियो ने उत्तर दिया, जहां तक साज-सामान का प्रश्न है, मेरे पास है ही क्या। पहनने के दो कपड़े और लोटा। यदि उनकी भी आपको आवश्यकता हो, तो में अभी देने के लिए तैयार हूं।' वे फिर बोले, 'यदि कुछ डाकू, जो इन जंगलों में निवास करते हैं, तुम्हें अपने कार्य में बाधा समझकर तुम्हें मौत के घाट उतार दें तो तुम सहायता के लिए किसको पुकारोगे? ''जान से मारना चाहे तो मार दें, में सहायता के लिए किसी को नहीं पुकारूंगा। जीवन में मरना तो एक ही बार है, तो फिर जब कभी भी वह समय आ जाए उसका में हृदय से स्वागत करूंगा। 'हिलेरियो से प्रश्न करने वाले कोई सामान्य नागरिक नहीं, परिवर्तित वेश में उस क्षेत्र में रहने वाले डाकू ही थे। वे उनका उत्तर सुनकर स्तब्ध रह गए। डाकुओं का समूह वहां से चलता बना। में ये कहानी अखबार से पढ़कर आप तक पहुँचा रहा हु आप सब स्वीकार करें।।


@Krashankant social worker